माँ महागौरी की आरती|Maa Mahagauri Aarti

नवरात्र के आठवें दिन माँ महागौरी का व्रत और पूजन किया जाता है और पूजा के बाद माँ महागौरी की आरती करी जाती है । धार्मिक मान्यता है कि पूरे विधि-विधान से माँ महागौरी की पूजा करने के बाद पूजा के अंत में माँ महागौरी की आरती करनी चाहिए। इससे माँ प्रसन्न होती है और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

मां महागौरी को सुख, समृद्धि और सौंदर्य की देवी माना जाता है।

माँ महागौरी की आरती

जय महागौरी माता, मैया जय महागौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता॥

ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कामला रानी।

आद्यां शक्ति, महा शक्ति, भवानी रूप धारिणी॥

तुम ही जग की माता, हो सर्वशक्तिधात्री।

कार्य सिद्धि करो, मुझ पर विश्वास बढ़ात्री॥

सोहे चांद सी मुकुट, मनोहर वरन धारी।

शुभमंगल की छाया, जग मंगल कारी॥

कंचन थार मुखड़ा, रतन जड़ी माला।

छवि लखो तुम्हारी, महिमा अपार विलास माला॥

भारी शुभ हेतु, रतन की माला सोहती।

भक्तन पर ध्यान धरती, महिमा अमित गति लहती॥

जय महागौरी माता, मैया जय महागौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता॥

विधिपूर्वक पूजा करने के बाद माँ महागौरी की आरती का पाठ अवशय करें। पूजा के बाद माँ की आरती करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उन्हें आशीर्वाद मिलता है।

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Maa Mahagauri Aarti

जय महागौरी, जय महागौरी
सत्यम, शिवम, सुंदरम, भवानी
त्रिपुर सुंदरी, जय महागौरी
महाष्टमी के दिन तुम्हें ध्याए
कष्टों से मुक्ति दिलाओ
मनवांछित फल देना
मां, दर्शन तुम्हारे पाऊँ
जय महागौरी, जय महागौरी
सत्यम, शिवम, सुंदरम, भवानी
त्रिपुर सुंदरी, जय महागौरी
श्वेत वृष पर सवार हो
त्रिशूल और डमरूधारी
अत्यंत गौर वर्ण हो
महागौरी भवानी
जय महागौरी, जय महागौरी
सत्यम, शिवम, सुंदरम, भवानी
त्रिपुर सुंदरी, जय महागौरी
सभी मनोकामनाएं पूर्ण करो
दुःखों का नाश करो
सुख, समृद्धि और सौंदर्य प्रदान करो
मां, जय महागौरी
जय महागौरी, जय महागौरी
सत्यम, शिवम, सुंदरम, भवानी
त्रिपुर सुंदरी, जय महागौरी

विधिपूर्वक पूजा करने के बाद माँ महागौरी की आरती का पाठ अवशय करें। पूजा के बाद माँ की आरती करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उन्हें आशीर्वाद मिलता है।

पूजा पाठ के बाद आरती करना पूजा का एक अनिवार्य भाग होता है। इसीलिए पूजा करने के बाद आप जिन भी भगवान् की पूजा कर रहे हैं उनकी आरती अवशय करें।

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