माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज

नवरात्री का छठा दिन माँ कात्यायनी को समर्पित है। इस बार 3 अप्रैल 2025 को छठा नवरात्रा है। यदि आप पुरी विधि से पालन करेंगे माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज का तो इससे से विवाह में आने वाली बाधाएं होंगी दूर और आपको मिलेगा अपना मनचाहा जीवनसाथी।

माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज

देवी कात्यायनी ने महर्षि कात्यायन की भक्ति से प्रसन्न होकर, उनके द्वारा माँगा गया वर पूरा करने के लिए महर्षि कात्यायन के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया।

छठे नवरात्रे में कात्यायनी माँ की पूजा के दौरान कुछ उपायों के द्वारा शीघ्र ही विवाह के योग बनते हैं।

माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज | maa katyayani puja vidhi

कात्यायनी माँ को समर्पित छठे नवरात्रे को यदि माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज को फॉलो करते हुए पुरे विधि-विधान से पूजा करेंगे तो आपके विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी और आपको मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होगा। तो चलिए आपको बताते हैं माँ कात्यायनी पूजा विधि जो करेगी आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा।

माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज:

देवी माँ की पूजा के लिए बताये गए तरीके का नियम पूर्वक पालन करें।

माँ कात्यायनी पूजन सामग्री:-

  • लाल या पीले रंग के वस्त्र

  • माँ कात्यायनी (Maa Katyayani) का चित्र या मूर्ति ( यदि माँ का चित्र उपलब्ध न हो तो दुर्गा माता का चित्र या मूर्ति भी रख सकते हैं। )

  • अक्षत ( चावल ), रोली, कुमकुम, हल्दी, चावल, गंगाजल, धूप, दिया।

  • Maa katyayani ka bhog – माँ कात्यायनी भोग के लिए शहद या शहद से बना प्रसाद जैसे: हलवे का प्रसाद जिसमे आप चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करिये।

  • माला

  • एक लोटा जल जिसमे गंगाजल मिला लीजिये इससे पूरा जल गंगाजल हो जायेगा।

  • 3 हल्दी की गांठ

  • पीला आसान जिसपर बैठकर आप माँ का ध्यान करेंगे।

  • एक घंटी

  • पूजा पात्र ( पूजा की थाली )

कात्ययायनी माता की पूजा विधि | katyayani mata ki puja vidhi

  • सबसे पहले सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर शौचादि से निवृत होकर स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।

  • अपने घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।

  • चौकी पर माँ कात्यायनी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें ( यदि माँ का चित्र उपलब्ध न हो तो दुर्गा माता का चित्र या मूर्ति भी रख सकते हैं। )

  • सबसे पहले माँ के समक्ष अपने आसान पर बैठ कर जल आचमन करें।

  • माथे पर तिलक लगाएं और देवी माँ का आह्वान करें।

  • धूप और दीप जलाएं।

  • हाथ में अक्षत ( चावल ), फूल, दक्षिणा के लिए कुछ पैसे और गंगाजल लेकर माँ को अर्पित करें। माँ से निवेदन करें कि “हे माँ यदि आपकी पूजा में हमसे कोई कमी रह गयी हो तो हमें क्षमा करें।”

  • देवी को रोली, कुमकुम, हल्दी चढ़ाएं।

  • इसके बाद कात्यायनी माता का भोग शहद से बना हलवे का प्रसाद देवी माँ को अर्पित करें।

  • माला लेकर नीचे दिए गए माँ कात्यायनी मंत्र फॉर मैरिज का 21 बार जाप करें।

  • माँ कात्यायनी मंत्र:

ॐ क्लीं कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंद गोप सुतं देवि पतिं में कुरुते नमः क्लीं ॐ

  • पूजा के अंत में प्रसाद बांटें और माता से मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करें।

इस प्रकार पूरी निष्ठापूर्वक पूरी श्रद्धा के “माँ कात्यायनी पूजा विधि फॉर मैरिज” का पालन करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। शीघ्र ही विवाह के योग बनते हैं और प्रेम के मार्ग में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। माँ कात्यायनी मंत्र का जाप पूरी श्रद्धा से करें।

इसी प्रकार पुरे विधि विधान से माँ कात्यायनी की पूजा गोधूलि के समय भी करें। इस समय पूजा करना भी पूर्ण फलदायी होता है।

माँ कात्यायनी की पूजा के नियम | maa katyayani ki puja ke niyam

  • पूजा करते समय साफ-सुथरे कपड़े पहनें।

  • पूजा स्थल को साफ रखें।

  • देवी माँ की पूरे मन से और श्रद्धा से पूजा अर्चना करें।

  • पूजा के दौरान किसी भी प्रकार का अशुद्ध विचार न आने दें।

पूर्ण विधि-विधान से माँ का व्रत और पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी तो मिलता ही है साथ ही देवी माँ के भक्तों के सभी शारीरिक रोग, कष्ट और भय नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही भक्तों द्वारा अनजाने में किये गए पापों का भी नाश होता है।

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