पितरों को जल देने की सरल विधि

पितरों को जल देने की सरल विधि

पितरों को जल (तर्पण) देना हिंदू परंपरा में पितरों का सम्मान और आशीर्वाद प्राप्त करने का तरीका है। यह सामान्यत: प्रतिदिन सुबह या पितृपक्ष के समय किया जाता है। यहाँ पितरों को जल देने की सरल विधि बताई गयी है: पितरों को जल देने की सरल विधि | Pitron ko Jal dene ki saral vidhi … Read more

मासिक धर्म के बारे में कृष्ण क्या कहते हैं

मासिक धर्म के बारे में कृष्ण क्या कहते हैं

मासिक धर्म के बारे में कृष्ण क्या कहते हैं। इस लेख में हम आपको बताएँगे मासिक धर्म के बारे में श्री कृष्ण ने क्या कहा है और हिन्दू धर्मग्रंथों में इसके लिए क्या दृष्टिकोण मिलता है। मासिक धर्म के बारे में कृष्ण क्या कहते हैं | Masik dharm ke bare me Krishna kya kehte hain … Read more

क्या महिलाएं तुलसी की माला पहन सकती हैं

क्या महिलाएं तुलसी की माला पहन सकती हैं

हिन्दू शास्त्रों में तुलसी को देवी तुलसी के रूप में पूजनीय माना गया है। तुलसी माला धारण करना बहुत शुभ होता है। लेकिन क्या महिलाएं तुलसी की माला पहन सकती हैं। यह प्रश्न हिन्दू भक्तों के मन में सदैव उठता है। क्या महिलाएं तुलसी की माला पहन सकती हैं | Kya mahila tulsi ki mala … Read more

क्या विधवा स्त्री सत्यनारायण पूजा कर सकती है

क्या विधवा स्त्री सत्यनारायण पूजा कर सकती है

क्या विधवा स्त्री सत्यनारायण पूजा कर सकती है। यदि शास्त्रों के दृष्टिकोण से इस विषय को देखा जाए तो हिन्दू धर्म में विधवा स्त्री के लिए पूजा-पाठ का अधिकार स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं है, बल्कि सामाजिक रूढ़ियों के कारण ही विधवा स्त्री को पूजा-पाठ से वंचित किया गया है। क्या विधवा स्त्री सत्यनारायण पूजा … Read more

पुनर्जन्म की यादें |अपने पिछले जन्म का रहस्य, क्या आप भी जानते हैं

पुनर्जन्म की यादें

पुनर्जन्म की यादें: हिंदू धर्म में पुनर्जन्म, आत्मा के अमरत्व और कर्म के सिद्धांत पर आधारित है। हिन्दू धर्म में कहा गया है कि आत्मा न जन्म लेती है न मरती, बल्कि शरीर बदलती रहती है। अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार आत्मा को अगला जन्म मिलता है। जब तक आत्मा मोक्ष (मुक्ति) नहीं प्राप्त करती, तब … Read more

नारद स्मृति में हिन्दू विवाह के नियम

नारद स्मृति में हिन्दू विवाह के नियम

नारद स्मृति प्राचीन हिन्दू धर्मशास्त्रों में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो नारद ऋषि द्वारा रचित माना जाता है। नारद स्मृति में हिन्दू विवाह के नियम भी बताये गए हैं। विवाह नियमों के साथ ही इसमें इसमें धर्म, आचार, न्याय, और सामाजिक नियमों का एक विस्तृत वर्णन मिलता है। नारद स्मृति में हिन्दू विवाह के नियम … Read more

काशी में पिंडदान का महत्व

काशी में पिंडदान का महत्व

पिंडदान पितरों की आत्मा की शांति और सदगति (मोक्ष) के लिए किया जाने वाला एक श्राद्ध कर्म है। काशी में पिंडदान का महत्व बहुत ही विशेष है। इस श्राद्ध कर्म में चावल या जौ का आटा, काला तिल, घी और जल आदि से पिंड बनाकर पितरों को अर्पित किया जाता है। काशी में पिंडदान करने … Read more

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