Mokshada Ekadashi 2025: इस साल मोक्षदा एकादशी की तिथि 01 दिसंबर है। आज हम आपको ऐसे मोक्षदा एकादशी के उपाय बताएँगे जो आपके जीवन की परेशानियां दूर करके आपके जीवन में खुशियां ले आएंगे।

मोक्षदा एकादशी की तिथि 30 नवंबर को रात 09:29 पर शुरू होगी और 01 दिसंबर शाम 07:01 तक रहेगी । मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती भी मनाईजाती है। गीता जयंती के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद गीता का ज्ञान दिया था दिया था।
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आइए जाने मोक्षदा एकादशी के उपाय, जिन्हे करके आप जीवन में धन और सुख समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं और अनेक परेशानियाँ से छुटकारा पा सकते हैं।
मोक्षदा एकादशी के उपाय | Mokshada ekadashi ke upay
1 – सुख-समृद्धि के लिए तुलसी के पौधे की पूजा – इस दिन तुलसी के पोधे के पास घी के दीये को प्रज्वलित करने के बाद 21 या 11 बार परिक्रमा करें। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि बढ़ती है
2 – धन के तंगी से छुटकारा पाने का उपाय – धन के तंगी से छुटकारा पाने के लिए तुलसी माता की पूजा करें और ओमः वासुदेवाय नमः का जाप करें। इसके साथ ही अनाज और धन का दान करें।
3 – पापों से मुक्ति – यदि आप इस जीवन में अपने पापों से मुक्ति पाना चाहते हैं तो इस दिन व्रत-पूजन अवश्य करें। मोक्षदा एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को अपने इस जन्म और अपने पूर्व जन्म के सभी पापों को मुक्ति मिलती है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मान्तर के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
4 – शनि के दुष्प्रभाव से सुरक्षा – शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए भी आप पीपल के पत्तों की माला या पीपल के पत्तों को शनि देव पर चढ़ाएं। ऐसा करने से आपके जीवन में आने वाली सभी तरह की परेशानी दूर हो जाती है।
5 – घर में सकारात्मक माहौल के लिए उपाय – मोक्षदा एकादशी के दिन सफ़ेद हाथी की मूर्ति घर लाने से सकारात्मकता घर आती है और माता लक्ष्मी का वास घर में होता है और घर में सुख शांति का वास होता है।
6 – संतान प्राप्ति – यदि आप एक निःसंतान दंपत्ति हैं और आप अपने जीवन में अपनी संतान की किलकारियां सुन्ना चाहते हैं तो आप पूर्ण विधि-विधान के साथ मोक्षदा एकादशी व्रत करें। ऐसा करने वाले दंपत्ति को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है और संतान की प्राप्ति होती है।
7 – पितरों की मुक्ति – ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया व्रत-पूजन आपके पितरों को मोक्ष दिलाने में सहायक होता है। इसके लिए आप इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ व्रत रखें और भगवान् विष्णु की पूजा करें। पूजा के पश्चात् अपनी यथाशक्ति दान अवश्य करें। व्रत-पूजन के पूण्य फल को अपने पितरों को समर्पित करें।
ऐसा करने से आपके पितरों/पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होगी। पितरों की मुक्ति होने से आपके पितर आपसे प्रसन्न होते हैं और आपको आशीर्वाद देते हैं, इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
मोक्षदा एकादशी के व्रत से मिलने वाला फल साल की सभी एकादशियों के व्रत से मिलने वाले फल के बराबर माना जाता है। इसीलिए मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं।
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