
भांग या फिर गांजा आप जो भी कहिये एक ऐसा पौधा जिसके गुणों के बारे में इस समाज में बहुत ही कम जानकारी है। लेकिन हिन्दू धर्म में, उनके पूर्वज भांग के गुणों अच्छी तरह जानते थे इसीलिए भांग को शास्त्रों में विजया नाम दिया गया है अर्थात्त गुणों के आधार पर यदि तुलना करी जाय तो भांग इस धरती पर पायी जाने वाली सभी वनस्पतियो से विजयी होती है, सभी वनस्पतियों से श्रेष्ट होती है। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि धार्मिक महत्व के अलावा भी भांग के औषधीय गुण होते हैं।
भांग क्या है | bhang kya hai
भांग इस धरती पर पाया जाने वाला एक पौधा है जिसको गांजा नाम से भी जाना जाता है। अगर आप एक हिन्दू हैं तो आप जानते ही होंगे की हिन्दू धर्म में भांग का क्या स्थान है। हिन्दू धर्म में भांग, भगवान शिव को पूजा में चढ़ाई जाती है। शिवरात्रि पर भांग के बिना शिव की पूजा अधूरी मानी जाती है।
समाज में भांग का इस्तेमाल नशे के लिए भी किया जाता है। आमतौर पर लोग इसको एक नशे की चीज की तरह देखते हैं और शिवरात्रि के अलावा दूसरे दिनों में सिर्फ नशेड़ी ही भांग का इस्तेमाल करते दिखेंगे।
आज हम बताएँगे कि भांग के औषधीय गुण क्या होते हैं और साथ ही भांग से जुडी कुछ ऐसी बातें हैं जिनको जानने के बाद आप हैरान हो जाएंगे। तो साथियों चलिए आज हम आपको बताते हैं भांग से जुड़े फैक्ट और भांग के औषधीय गुण साथ ही भांग की इंडस्ट्रियल क्वालिटी के बारे में।
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भांग के औषधीय गुण | bhang ke aushadhi gun
साथियों अभी तक आपको भांग से जुडी बहुत सी दिलचस्प बातें पता चलीं। आगे हम आपको भांग की मेडिकल क्वालिटी ( चिकित्सा से जुड़े गुणों ) के बारे में बताएंगे और ये बात तय है की भांग की मेडिकल खूबिओं को जानने के बाद आप हैरान हो जाएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।
- भांग (गांजा) से लोगों की मौत का कोई भी आंकड़ा मौजूद नहीं है क्यूंकि भांग से किसी की भी मृत्यु नहीं होती।
- बहुत से लोगों के मन में ये सवाल भी होता है की भांग का सेवन करने के बाद भूख क्यों लगती है। इसका जवाब ये है की भांग हमारे शरीर में घ्रेलिन हार्मोन (Ghrelin Hormone ) के लेवल को बढ़ा देती है और इससे हमारी भूख बढ़ जाती है क्यूंकि घ्रेलिन हार्मोन हमारी भूख को नियंत्रित करता है। भांग का सेवन करने के बाद भांग में मौजूद तत्व हमारे शरीर में घ्रेलिन हार्मोन को सक्रिय कर देते हैं और हमें भूख लगने लगती है।
- एक शोध में यह बात निकल कर आयी है की स्किन कैंसर, ब्रैस्ट कैंसर, Vaginal Cancer ( वेजाइना में कैंसर ), प्रोस्टेट कैंसर इन सभी का मुख्य कारण Wrong clothing ( गलत कपड़े ) है क्यूंकि इससे हमारे शरीर के Toxins ( जहरीले तत्व ) बाहर नहीं निकल पाते। इससे बचाव के लिए कनाडा में कैंसर से बचाने वाली Lingerie ( लॉन्जरी ) पेटेंट की गयी है और इस लॉन्जरी का फैब्रिक पूरी तरह (100%) भांग से बना है। यदि आप “हेम्प फेब्रिक के फायदे” लिखकर गूगल पर सर्च करते हैं तो आपको इस विषय पर बहुत सी जानकारी मिल जाएगी।
- आयुर्वेद में टी. बी. के इलाज का मुख्य कॉम्पोनेन्ट गांजा (भांग) है।
- आयुर्वेद में यह वर्णन किया गया है जब महिलाओं को बच्चे के जन्म के समय प्रसव पीड़ा होती थी तो उन्हें भांग दी जाती थी इससे उन्हें दर्द से आराम मिलता था। साथ ही भांग के लेप को उनकी स्किन पर लगाया जाता था ताकि बच्चे का जन्म आसानी से हो जाये।
- मिर्गी का दौरा और Parkinson ( पार्किंसंस रोग ) का इलाज भी भांग के तेल से किया जा सकता है और दुनिया में कई जगहों पर इन बिमारियों के इलाज में भांग के तेल का इस्तेमाल किया भी जाता है। पार्किंसन रोग एक प्रकार का मस्तिष्क विकार है। यह बीमारी समय के साथ बिगड़ती जाती है और पीड़ित का सामान्य रूप से चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है।
- नए शोध बताते हैं की जिस तरह हमारे शरीर में नर्वस सिस्टम, इम्यून सिस्टम और डाइजेस्टिव सिस्टम है बिलकुल उसी तरह हमारे शरीर में एक एण्डोकैनाबिनोइड सिस्टम (Endocannabinoid System ) है। एण्डोकैनबिनोइड सिस्टम हमारे मस्तिष्क में स्थित होता है। कैनाबिनोइड्स भांग में पाए जाने वाले योगिक हैं और ये हमारे शरीर में मौजूद हैं चाहे हम भांग का उपयोग ना करते हों।
- भांग से इंसानी दिमाग की Cognitive Abilities (चीजों को समझना, फैसले लेना और ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया ) में सुधार होता है ऐसा बॉन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं और हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ येरुशलम ( इज़राइल ) की रिसर्च में सामने आया है।
- बवासीर ( पाइल्स ) में भांग बहुत लाभदायक होता है। बवासीर में भांग का इस्तेमाल ऊपर से लगाने और खाने के लिए किया जा सकता है। बवासीर में भांग Pain Killer ( दर्द निवारक ) के रूप में भी उपयोग की जाती है।
- भांग के ऊपर की गयी रिसर्च से यह बात भी सामने आयी है की CBD Oil जो की भांग के पौधे से निकाला गया तेल है। यह गठिया से राहत दिलाने में भूमिका निभाता है। भांग के तेल के साथ ही भांग की पत्तियां दर्द निवारक का काम करती हैं। गठिया से जोड़ों में आयी सूजन में भी भांग का इस्तेमाल किया जाता है।
- अमेरिका में भांग का इस्तेमाल करके महिलाओं को मासिक दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए दवाई बनाई गयी है। ऐसा अमेरिकन एक्टर Whoopi Goldberg ( व्हूपी गोल्डबर्ग ) की कंपनी द्वारा किया गया है। इस कंपनी द्वारा महिलाओं को मासिक दर्द में राहत दिलाने के उद्देश्य से महिलाओं को ध्यान रखते हुए भांग के उत्पादों की एक श्रृंखला शुरू की गयी है।
भांग की इंडस्ट्रियल क्वालिटी | bhang ki industrial quality
- भांग के गुणों को देखते हुए पिछले कुछ सालों में कई देशों ने भांग से प्रतिबन्ध हटाया है। उरुग्वे भांग को लीगल करने वाला पहला देश था। आज लगभग 20 से ज्यादा देशों ने भांग को लीगल मान्यता दे दी है।
- जर्मनी, रशिया, जापान, इज़राइल, कैनेडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड ये सभी देश भांग को लीगल मान्यता दे चुके हैं।
- भांग की खूबियों को जानने के बाद नेपाल में Hemp Association of Nepal नामक संस्था ने नेपाल में काम करना शुरू कर दिया है। यह संस्था नेपाल में भांग के उत्पादों को बढ़ावा देने का काम करती है।
- इण्डोनेशिया में एक समय ऐसा था जब भांग का उपयोग करने पर मौत की सज़ा सुनाई जाती थी लेकिन भांग के फायदों के बारे में जानने के बाद उनहोंने इसे मान्यता दी और आज के समय में इण्डोनेशिया भांग का Medical और Industrial इस्तेमाल करके Revenue Generate (राजस्व संग्रह) कर रहा है।
- इस समय हमारी कई विरासत की इमारतें धीरे धीरे टूटती जा रहीं हैं जहाँ का रख-रखाव किया भी जाता है वहां भी इमारतों में लगे पत्थर भी धीरे धीरे झड़ रहे हैं लेकिन एलोरा की गुफाओं में ऐसा नहीं है वहां के पत्थर आज भी उसी रूप में हैं इसका कारण इमारत के निर्माण के समय इस्तेमाल की गयी भांग है। भारत के पुरातत्वविदों द्वारा किये गए अध्ययन में ये बात पता चली है की भांग ने ही पिछले लगभग 1500 सालों में ऐलोरा की गुफाओं को खराब होने से बचाया है।
- कार ब्रांड Porsche ( पोर्श ) ने सन 2019 एक रेसिंग कार लॉन्च की है और इस कार की बॉडी को बनाने में भांग का भी इस्तेमाल किया गया है।
- आज के समय में भी इमारतों के निर्माण में कुछ बड़ी कंपनियों द्वारा भांग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका एक उदाहरण है M&S ( मार्क्स एण्ड स्पेंसर ) कंपनी ने आयरलैंड में अपने दूसरे सबसे बड़े शोरूम को बनाते वक़्त इसकी दीवारों पर भांग की परत चढ़ाई है ये दीवारे वातावरण से कार्बन को सोखती (अवशोषित करती) हैं।
- इस समय दुनिया में चल रहे शोध बताते हैं की भांग इस धरती और वातावरण से Nuclear Radiation को भी साफ़ कर सकती है। भांग जमीन से Toxic metals और Radiation को हटाने की क्षमता रखती है।
- भांग से कपडे बनाने का इतिहास लगभग 9000 साल पुराना है और कहा जाता है की दुनिया का पहला कपडा भी भांग से ही बनाया गया था।
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भांग से जुड़े दिलचस्प तथ्य | bhang se jude fact
- भांग को हिन्दू वेदों में 45 नाम दिए गए हैं जिनमे कुछ नाम इस तरह हैं। अजया, विजया, आनन्दा, भारिता, कपाला, कपटा, इन्द्रसना, हर्षिनी, कालाग्नि आदि।
- भांग को गांजा नाम अंग्रेजों ने दिया था क्यूंकि भांग गंगा के तटों बहुत उगा करती थी और अंग्रेज माँ गंगा का नाम सही से नहीं बोल पाते थे। अंग्रेज़ गंगा को गैंजे या गांजा कह कर Pronounce किया करते थे और उन्होंने भांग को भी गांजा कहना शुरू कर दिया।
- भांग एक ऐसा पौधा है जो चारों मौसमों में उग सकता है और हर तरह की जमीन चाहे पहाड़ हों मैदानी इलाके हों या फिर रेगिस्तानी जमीन हो इन सभी पर उग सकता है।
- टेरेंस केम्प मैक्केना और अल्बर्ट आइंस्टाइन जो की बड़े वैज्ञानिक थेऔर साथ ही कार्ल सेगन जो की एक महान अमेरिकी खगोलशास्त्री ( खगोलशास्त्री जो की अंतरिक्ष में मौजूद विविध प्रकार की चाजों की खोज और अध्ययन का कार्य करते हैं ), ग्रह वैज्ञानिक ( ग्रहों, उपग्रहों और सौरमंडल का वैज्ञानिक अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक ग्रह वैज्ञानिक होते हैं ) और खगोल भौतिकविद् (खगोल भौतिकविद् खगोलीय पिण्डों और खगोलीय घटनाओं का डिटेल में अध्ययन करते हैं) थे। इन सभी ने भांग के समर्थन में बातें कहीं और लोगों के सामने तथ्य भी रखे।
भांग के औषधीय गुण और भांग की इंडस्ट्रियल क्वालिटी के बारे में जानने के बाद आप समझ ही गए होंगे की आखिर क्यों हिन्दू धर्म में इसको इतना ऊँचा दर्जा दिया गया है की यह भगवान शिव को चढ़ाई जाती है।
भांग के ऊपर जो रिसर्च आज के समय में हो रही है और भांग के बारे में जो नयी नयी बातें हम जान रहे हैं ये सारी जानकारी भारत में हज़ारों साल पहले लिखे गए वेदों में पहले से ही लिखी जा चुकी है। इससे आप अंदाजा लगा ही सकते है की सनातन संस्कृति उस समय कितनी विकसित रही होगी।
FAQ – Frequently Asked Question
Q - भांग में कौन सा विटामिन पाया जाता है ? A - भांग में विटामिन-ई, पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड , कैनाबिनोइड (Cannabinoids) और प्रोटीन पाया जाता है। इसके साथ ही भांग में Omega 3, Omega 6 और Omega 9 पाया जाता है।
Q - क्या भारत में भांग खाना वैध है ? A - यदि भांग के परम्परागत उपयोगों को छोड़ दिया जाय, जैसे - शिवरात्रि पर भगवान् शिव को भांग अर्पित करना और भांग को प्रसाद के रूप में पीना। इन सबके अतिरिक्त भांग का उपयोग भारत में अवैध है।
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