करवा चौथ आरती, आपके व्रत को फलदायी बना देगी

करवा चौथ आरती

करवा व्रत की आरती भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक होती है। करवा चौथ व्रत पूजा में शिव पार्वती और गणेशजी की आरती के साथ करवा चौथ आरती जरूर करनी चाहिए यह आपके व्रत को सफल एवं फलदायी बनाती है।

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करवा चौथ आरती | karwa chauth aarti

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।। ओम जय करवा मैया।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया।

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

करवा चौथ आरती का अर्थ

पहला :

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। 
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

भक्त करवा चौथ की देवी की जयकार करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे उनके व्रत को स्वीकार करें।

दूसरा :

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। 
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।। ओम जय करवा मैया।

भक्त करवा चौथ की देवी को समस्त जगत की माता और रुद्राणी के रूप में स्तुति करते हैं। वे कहते हैं कि सभी प्राणी उनकी महिमा का गुणगान करते हैं।

तीसरा :

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। 
दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया।

भक्त करवा चौथ के व्रत का महत्व बताते हैं। वे कहते हैं कि जो भी महिला इस व्रत को करती है, उसे लंबी आयु वाला पति मिलता है और उसके सभी दुख दूर होते हैं।

चौथा :

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। 
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया।

भक्त करवा चौथ के व्रत के लाभों का वर्णन करते हैं। वे कहते हैं कि इस व्रत को करने से महिला सुहागिन बनी रहती है और उसे सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। वे कहते हैं कि गणपति जी सभी विघ्नों को दूर करते हैं।

पांचवां :

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। 
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया।

इसमें भक्त कहते हैं कि करवा चौथ की आरती करने से व्रत पूर्ण होता है और सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं।

छठा :

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। 
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

इसमें, भक्त फिर से माँ करवा की जयकार करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे उनके व्रत को स्वीकार करें।

इस प्रकार, यह करवा चौथ आरती, Karwa Chauth के व्रत की महिमा का वर्णन करती है।

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